इस वेस्टर्न एयर कमान इमारत का फिर से मुंह न देखने का प्रण तोड़कर तुम्हें मिलने आना पडा। उन्होंने बचे हुए वायुसेना के पेपर जैसे कार्ड, फ्लाईंग हेलमेट, नेविगेशनल मैप आदि मुझे सौंप दिये। उस दिन आपने कहा था कि संगठन बुरा नहीं होता, बल्कि उसके अंदर काम करने वाले लोग इसे अच्छा या बुरा बनाते हैं! मेरे जैसे कई लोग भावनात्मक रूप से आवेशित हो जाते हैं और खुद को चोट पहुँचाते हैं! लेकिन आप जैसे लोग अपमान या एहसान की परवाह नहीं करते। वायु सेना के एक प्रतिनिधि के रूप में निस्वार्थ भाव से आप मेरे घर तक आने की सहानुभूतिपूर्वक परवाह करते हैं। थँक्स यार…! जाने से पहले हाथ मिलाने पर उनकी कठोर पकड़ समझ में आती थी। एक दिन मेरे चेहरे पर दरवाजे को पटक देने से आहत मेरा अहंकार ठंडा हुआ!
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(E Book 116) और दरवाजा मेरे मुँह पर बंद हुआ!
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